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Yearly Archives: 2019

भारत में शहरीकरण

भारत में शहरीकरण

भारत में शहरीकरण शहरीकरण प्रक्रिया विकसित और अल्पविकसित सभी प्रकार के देशों में दिखाई पड़ती है. उत्पादन में विशिष्टीकरण और विनिमय को बाजारों से प्रोत्साहन मिलता है और बाजारों का विकास शहरों के विकास के साथ जुड़ा है. आजकल जहां उद्योगों की स्थापना होती है वहीं जनसंख्या का संकेन्द्रण होने …

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व्यावसायिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तनन होने के कारण

व्यावसायिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तनन होने के कारण

व्यावसायिक संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तनन होने के कारण उपर्युक्त विश्लेषण से स्पष्ट हो जाता है कि कुछ छोटे-मोटे परिवर्तनों के अतिरिक्त भारत में व्यावसायिक संरचना पिछले कुछ दशकों से अपरिवर्तनीय रही है. इसके बावजूद योजनाओं के दौरान शुद्ध राष्ट्रीय आय और प्रतिव्यक्ति आय में वृद्धिकर पाने में सफलता पाई है. …

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व्यावसायिक संरचना के निर्धारक कारक

व्यावसायिक संरचना के निर्धारक कारक

व्यावसायिक संरचना के निर्धारक कारक किसी देश की व्यावसायिक संरचना कई महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करती है. जिनमें उत्पादन शक्तियों का विकास, विशिष्टीकरण, प्रतिव्यक्ति आय का स्तर तथा प्राकृतिक साधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है. 1. भौगोलिक कारक : औद्योगिक क्रान्ति से पूर्व व्यावसायिक संरचना के निर्धारण में यूरोप में भौगोलिक …

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व्यावसायिक संरचना और शहरीकरण (Occupational Structure and Urbanisation)

व्यावसायिक संरचना और शहरीकरण (Occupational Structure and Urbanisation)

व्यावसायिक संरचना और शहरीकरण (Occupational Structure and Urbanisation) श्रम उत्पादन का प्राथमिक साधन होने के साथ-साथ उत्पादन के अन्य साधनों को भी सक्रियता प्रदान करके उन्हें उत्पादक गतिविधियों के लिए लाभदायक बनाता है. किसी भी देश के काम करने वाले लोगों की संख्या, आयु संरचना, लिंग संरचना, जीवन प्रत्याशा (Life …

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जनसंख्या और आर्थिक विकास (Population and Economic Development)

जनसंख्या और आर्थिक विकास (Population and Economic Development)

जनसंख्या और आर्थिक विकास (Population and Economic Development) प्रत्येक समाज के लिए जनसंख्या का प्रश्न महत्वपूर्ण है. प्रायः सामाजिक तथा आर्थिक शोध में इस ओर काफी ध्यान दिया जाता है. जनसंख्या जहां एक ओर श्रम-शक्ति के स्रोत के रूप में आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण कारक है, वहीं दूसरी ओर …

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प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)

प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources)

प्राकृतिक संसाधन (Natural Resources) प्राकृतिक संसाधनों के अन्तर्गत उन सभी वस्तुओं को शामिल किया जाता है जो भौतिक पर्यावरण (Physical Environment) में मौजूद हैं और जिन पर मानव किसी-न-किसी आवश्यकता की पूर्ति के लिए निर्भर करता है. इसके अन्तर्गत मुख्य रूप से भूमि संसाधन, वन संसाधन, खनिज संसाधन और ऊर्जा …

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भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप (Nature of the Indian Economy)

भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप (Nature of the Indian Economy)

भारतीय अर्थव्यवस्था का स्वरूप (Nature of the Indian Economy) भारत-एक अल्पविकसित अर्थव्यवस्था भारतीय अर्थव्यवस्था को एक अल्पविकसित अर्थव्यवस्था मानने के लिए निम्न कारक उत्तरदायी हैं. 1. प्रतिव्यक्ति आय का नीचा स्तर : भारत की प्रतिव्यक्ति आय का स्तर कितना असंतोषजनक था इसका अनुमान इस तथ्य से लगाया जा सकता है …

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ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव (Economic Consequences of British Rule)

ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव (Economic Consequences of British Rule)

ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव (Economic Consequences of British Rule) भारतीय अर्थव्यवस्था में ब्रिटिश शासन काल के समय दूरव्यापी (Farreaching) परिवर्तन हुए जिसके परिणामस्वरूप भारतीय अर्थव्यवस्था में एक उपनिवेशी, अर्द्ध-सामती, विषभागी, गतिहीन तथा पिछड़ी अर्थव्यवस्था का रूप ले लिया द्वितीय विश्वयुद्ध के समय वास्तविक पूँजी के हास तथा देश के …

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भारतीय अर्थव्यवस्था की संक्षिप्त ऐतिहासिक झलक (Historical Survey of Indian Economy)

भारतीय अर्थव्यवस्था की संक्षिप्त ऐतिहासिक झलक (Historical Survey of Indian Economy)

भारतीय अर्थव्यवस्था की संक्षिप्त ऐतिहासिक झलक (Historical Survey of Indian Economy) अन्योन्य ऐतिहासिक तथ्य इस बात की पुष्टि करते हैं कि अपने विकसित लोहा उद्योग, वस्त्र उद्योग, वास्तुकला, शिल्पकला व हस्तकला उद्योगों आदि के कारण भारत प्राचीन काल में भी अपनी आर्थिक समृद्धि के लिए विख्यात रहा है. यह संपन्नता …

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आर्थिक संवृद्धि और विकास (Economic Growth and Development)

आर्थिक संवृद्धि और विकास (Economic Growth and Development)

आर्थिक संवृद्धि और विकास (Economic Growth and Development) अल्पविकसित तथा विकसित अर्थव्यवस्थाएँ पूर्व-प्रचलित शब्द अर्थात् पिछड़े (Backward) और उन्नत के स्थान पर अल्पविकसित और विकसित शब्दों के व्यवहार को श्रेयस्कर समझा जा रहा है. ‘पिछड़े'(Backward) शब्द की अपेक्षा ‘अल्पविकसित’ नरम शब्द है क्योंकि इसमें विकास की संभावना पर बल दिया …

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